मैं हूं कौन.....?

 

मैं हूं कौन.....?

 

मैं हूं कौन.....?
मैं हूं कौन.....?

आजादी सभीको चाहिए दोस्तों

हरकोई की है ये चाहत

मुक्त आहार बिहार पसंद मन

सभीके है बांछा नर से नारायण II

 

स्वाधिनताका नासमझ बनके

जोकुछ भी करलेना जैसे राबण

या महाभारत की  दुर्मति दुर्योधन

बिलकुल गलत और अप्रनिधान II

 

जरुरत से जैदा पर्याप्त साधिनता

किसीको भी कर सक्ता मतिभ्रम

कियुंकि व बना सकता मदमत्त

जहां व खोदेता अपना आत्मचिंतन II

 

फिर उसे बाँध लेता प्रकृति

जो व करता कुछ नियम उलंघन

हेतु सहना पड़ता दुःख अबांछित अकथन

भुलजाता आपनी आपको मिटजाता आजाद पण ई

 

अब और मुझे नहीं चाहिए ऐसी जीबन

जहां आजादीके नाम सहनापड़े क्लेश अकथन

सुधारना होगा अपना ही गलती

ढूंडना होगा मैं हूं कौन ..? मैं हूं कौन .....?

 

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